Citizens Committee on the Delhi Riots of February 2020



समिति इस जन-सूचना के ज़रिये, दिल्ली दंगो से जुड़ी कोई भी जानकारी या सामग्री रखने वाले सभी व्यक्तियों को, गोपनीयता का आश्वासन देते हुए, आमंत्रित करती है कि वे इस जानकारी और सामग्री को यथासंभव अधिकाधिक विवरण के साथ समिति को भेजें। इस जानकारी के अध्ययन उपरांत, समिति व्यक्तियों की पहचान गुप्त रखते हुए, उन्हें आगे बातचीत के लिए आमंत्रित कर सकती है.




जनसूचना

25/10/2020



फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के आसपास की घटनाओं की जांच करने के लिए Constitutional Conduct Group (CCG) (https://constitutionalconduct.com/) के निमंत्रण पर एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में निम्नलिखित उच्च लोकाधिकारी शामिल हैं: न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश (चेयरपर्सन); न्यायमूर्ति ए.पी. शाह, मद्रास और दिल्ली उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष; न्यायमूर्ति आर.एस. सोढ़ी, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश; पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अंजना प्रकाश; श्री जी.के. पिल्लई, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व गृह सचिव, भारत सरकार; और सुश्री मीरा चड्ढा बोरवंकर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो, भारत सरकार। 

समिति के विचारार्थ विषय निम्नलिखित हैं: 

१. दिल्ली दंगों के पहले, दौरान और उपरान्त घटनाओं की, और हिंसा से निबटने और क़ानून और व्यवस्था बहाल करने हेतु प्रशासन की प्रतिक्रिया की जांच। 

२. दंगों की जांच के संदर्भ में पुलिस की प्रतिक्रिया का विश्लेषण।

३. दंगों के पूर्व, दौरान और उपरान्त की घटनाओं के बारे में मुख्यधारा और सोशल मीडिया द्वारा हुए सूचना प्रसारण, और उसके घटनाक्रम पर हुए असर की जांच। 

४. मुज़लिमों को सहायता और क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने में नागरिक प्रबंध की भूमिका का मूल्यांकन।

समिति अपनी सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता, संचालन में सत्यनिष्ठा, और समिति से जुड़े सभी व्यक्तियों की प्रतिष्ठा और सम्माननीयता सुनिश्चित करने, और सभी संसूचना की गोपनीयता सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस सिद्धांतों के ढांचे के तहत, समिति प्राथमिक सामग्री एकत्र करेगी, जिसमें समिति के विस्तार में शामिल मुद्दों और वाकयों की प्रत्यक्ष सूचना का प्रथम वर्णन, प्रथम इत्तिला रिपोर्ट (FIR), चार्ज शीट और सरकारी संस्थाओं द्वारा तैयार किये गए अन्य दस्तावेज़, और जांच से जुड़े मसलों को प्रभावित कर सके ऐसी ऑडियो-विसुअल और लिखित सामग्री शामिल है। समिति अप्रधान सामग्री की भी समीक्षा करेगी जिसमें जन प्रसारित रिपोर्ट और विवरण शामिल हैं। दिल्ली दंगों, और उनके प्रभाव से जुड़ी सूचना और सामग्री का निवेदन करते हुए, समिति एक जन-सूचना प्रकाशित करेगी। इस तरह से प्राप्त जानकारी के आधार पर, समिति व्यक्तियों को विस्तृत बातचीत के लिए आमंत्रित कर सकती है। समिति सक्रीय तौर पे सूचना और सामग्री एकत्रित कर सकती है और स्वयं ऐसे व्यक्तियों से संपर्क कर सकती है जिनके पास जांच संबंधी मसलों से जुड़ी जानकारी या सामग्री हो।

इसलिए अब समिति इस जन-सूचना के ज़रिये, दिल्ली दंगो से जुड़ी कोई भी जानकारी या सामग्री रखने वाले सभी व्यक्तियों को, गोपनीयता का आश्वासन देते हुए, आमंत्रित करती है कि वे इस जानकारी और सामग्री को यथासंभव अधिकाधिक विवरण के साथ समिति को भेजें। इस जानकारी के अध्ययन उपरांत, समिति व्यक्तियों की पहचान गुप्त रखते हुए, उन्हें आगे बातचीत के लिए आमंत्रित कर सकती है।


अपनी गोपनीय सामग्री लिखने या अपलोड करने के लिए इस लिंक पर जाएँ: https://citizenscommitteeondelhiriots.in/hi/submission-form

अथवा डाक द्वारा भेजने के लिए इस पते का इस्तेमाल करें: Constitutional Conduct Group (CCG), Common Cause House, 2nd Floor, Nelson Mandela Marg, Vasant Kunj, New Delhi – 110070

आखिरी जमा तिथि 30 नवम्बर 2020 है

किसी भी जानकारी या सवाल हेतु ईमेल के जरिये संपक करें: citizenscommittee2020@gmail.com


Citizens Committee on the Delhi Riots of February 2020 की ओर से,

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मदन बी लोकुर, (अध्यक्ष)